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Showing posts from February, 2020

Pulwama attack -the pratikar

Pulwama attack -the pratikar

भारतीय इतिहास का काला दिन पुलवामा अटैक जो भूले से नहीं भुलाया जा सकता उस समय कवि के हृदय में उठते आक्रोश को दर्शाता हुआ एक मार्मिक चित्रण जो आपके सामने हरियाणवी रंग में एक रागनी के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत है:-https://www.writersindia.in/2019/08/Ichchha-shakti.html?m=1

सपने में भी डरया करे तने "तांडव" ईसा दिखा दयांगे हम महाकाल के लाल तने तेरी नानी याद दिला दयांगे
"पुलवामा" में धोखे त, तने "आतंकी" प्रहार करया सहनशीलता देखी थी इब हद का डोला पार करया भारत माँ के शेरां पे तने कपटी छुप के वार करया के होगा अंजाम तने नहीं पापी कतीई विचार करया भोले की सूँ आज तने तेरे घर में घुसकै गाह दयांगे हम महाकाल के लाल… 
के जाण्या तु तेरी घात का, होवेगा "प्रतिकार" नहीं सिंहसन पे "सिंह" बिराज्या, लोम्बड और सियार नहीं आन बान म्हारी शान स् "फौजी" केवल पहरेदार नही इतनी लाश बिछा दयांगे, कई दिन तक मिले करार नहीं तने सूते शिवगण मारे स्, तेरा नाम निशान मिटा दयांगे हम महाकाल के लाल… 
एक सूरमा अभिनंदन तेरी छाती जा लालकारया…

Bhookamp the earthquake

Bhookamp the earthquake


कांपी धरती  डोला पर्वत  चहुँओर उठा एक कोलाहल
मचा हाहाकार, चीखो-पुकार  थर-थर करके ढह गए महल
गये उजड़ नगर सब गया ठहर एक प्रलय गई सब पल में निगल
सागर धुजा पक्षी कूके  हुई ऐसी अचानक उथल-पुथल
 कोई सोया था कोई जागा था  कोई जान बचाने भगा था 
कितने ही पड़े थे लहूलुहान  कितनो की न जाने जान गई
कितने ही जीवित दफ़न हुए  शायद सटीक अनुमान नहीं
नेपाल पड़ा था लहूलुहान  बेबस बेसुध सा बेचारा
जैसे ही ख़बर मिली सबको  था मदद को दौड़ा जग सारा

सावन चौहान करौली

https://www.writersindia.in/2019/06/blog-post_23.html?m=1