Wednesday, October 23, 2019

Mere jiwan ka kona

मेरे जीवन का कोना


इस कोने में भाव भतेरे
इस कोने में छुपे सवेरे

इस कोने में चाँद औ सूरज
इस कोने के हँसी नजारे

इस कोने में बैठ भवानी
बुनती है नित नई कहानी

ये कोना उदगार तोलता
ये कोना हृदय द्वार खोलता

इस कोने में सपने सजते
इस कोने में मौन बोलता

ये कोना एक चित्र उकेरे
इस कोने में रंग घनेरे

ये कोना जादू की गठरी
इस कोने की बातें वखरी

इस कोने में ठाव कई हैं
सफर बहुत ठहराव कई हैं

ये कोना सुख दुःख है समेटे
ये कोना हर विदना मेटे

इस कोने में बहती नदियाँ
इस कोने में चलती नोका

इस कोने में ज्वार उमड़ता
इस कोने में अमृत झड़ता

इस कोने में गिरते झरने
इस कोने से निकले किरणें

ये कोना है मीत हमारा
इस कोने सा कौन है प्यारा

Writer-sawan chauhan karoli
      Date- २३ October 2019
https://www.writersindia.in/2019/06/blog-post_23.html?m=1

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