Skip to main content

Fouji- vatan ki shan hai fouji


Video ke lie click karne: -
https://youtu.be/fgKjL_f9hYM
पंख होते तो मैं उड़ जाती नन्द बाबा के द्वार


Vatan ki shan hai fouzy

सरहद की करते है हिफाजत,~~छोड़ कुटुम्भ परिवार
भारत माता की सेवा में, तन, मन~~~ करे निशार
वतन की…            
देश की…
हिन्द की शान है~फौजी, मेरा अभिमान है, फौजी-2

जब चेन से हम सब सोवें, ये बर्फ में~ जिस्म गलावैं
सब सर्दी गर्मी झेलैं, सीने पे गोली ~~~~~ खावैं-2
दुर्गम से दुर्गम हिस्से में-2, डेट रहे ~~~~ इकस्यार
वतन की…
देश की…
हिन्द की शान है फौजी, मेरा अभिमान हैं ~फौजी-2

ये भारत माँ के बेटे, अलबेले~~~ ”वीर”~~निराले
बैरी के दल पे टूटे,  बन के ~“घन”~~ काले काले
दुश्मन की छाती कापें-2, जब ठालेते ~  हथियार
वतन की...
देश की...
हिन्द की शान है फौजी, मेरा अभिमान हैं फौजी-2

इनके ही दम पे तिरंगा, ये लहर लहर ~~लहराएँ
ये राष्ट्र भक्त मस्ताने, हर मुश्किल से ~ ~टकराएँ
जिस्म का कतरा कतरा बोले, हिन्द की जय जयकार-2
वतन की…
देश की…
हिन्द की शान है फौजी मेरा अभिमान है फौजी-2

जब जब मिलता है मोका, ये जोहर खूब दिखावैं
रणबांके वीर हमारे, दुश्मन को~~’धूल’ ~ चटावैं
इनके लिए बजाओ ताली, सब मिल के एकबार
वतन की…
देश की…
हिन्द की शान है फौजी मेरा अभिमान है फौजी-2

कण कण माटी का गाता, इनके बलिदान की गाथा
केसरिया रंग से इनका  है जन्म-जन्म का “नाता”
दिल से इन्हें नमन करता है “”सावन””~ बारम्बार
वतन की…
देश की…
हिन्द की शान है फौजी मेरा अभिमान है फौजी-2



सावन चौहान कारोली-
भिवाड़ी अलवर राजस्थान

https://www.writersindia.in/2019/06/blog-post_13.html?m=1

Comments

Popular posts from this blog

कविता - किसका गुमान करे

कविता- किसका गुमान करे
किसका ‘गुमान’ करे , काहे ‘अभिमान’ करे । ‘पैसा और सत्ता’ बंधू , आनी जानी चीज है ।
पैसा ना जो कर पाये , काम वो ये कर लाए । ‘मुश्कान छोटी’ बड़े , काम की चीज़ है ।
‘सत्य’ का ‘व्यवहार’ कर, बातें तु विचार कर । ‘अच्छाई बुराई’ साथ , जाने वाली चीज है ।
‘आचरण’ को साफ रख, मन में ना ‘पाप’ रख । ‘माफ करना’ बड़ा , बनाने वाली चीज़ है ।
‘संस्कार’ छोड़ मत, रस्मों को तोड़ मत । ‘रीति और रिवाज’ भी, ‘निभाने’ वाली चीज हैं ।
‘गाँठ’ मन की खोल ले, बोल ‘मीठे’ बोल ले । ‘झगड़ा  लड़ाई’ तो, ‘मिटाने’ वाली चीज़ हैं ।
‘नेक काम’ कर ले , उसको सुमरले । ‘वक़्त’ लोट कर नहीं , आने वाली चीज़ है ।
थोडा सा ‘नरम’ बन, छोड़ दे ‘क्रोध अगन’ । ‘सब्र’ भी तो सावन, ‘आजमाने’ वाली चीज़ है ।
कवि- “सावन चौहान कारौली” भिवाड़ी अलवर राजस्थान मो.9636931534



Ichchha shakti

इच्छा शक्ति


सेना में दम था पहले भी
मगर कहाँ पर कमी रही
इच्छा शक्ति कुछ लोगों की
जाने कहाँ पर जमी रही
सत्ता के लोभी नेता थे
फकत मलाई खाते थे
सेना,सैनिक के साहस को
हर बारी ही गिराते थे
100 रुपये अनुदान मे से भी
90 खुद खा जाते थे
आज कोई आया दमदार तो
पड़ गए खाब खटाई में
सीधे सीधे रेड पड़ी थी
काली जमा कमाई में
सावन चौहान करोली

https://www.writersindia.in/2019/07/fouji-vatan-ki-shan-hai-fouji.html?m=1

गुरु महिमा

शिक्षक दिवस के पावन पर्व पर मेरी लेखनी गुरू चरण में... गुरु वंदना

गुरू ब्रह्मा गुरू श्री हरी,     गुरू है भोले नाथ ।       शीश सदा गुरू चरण नवे,          छ रुत बारह मास ।। गुरू की जो सेवा करे,     वो नर है बड़भागी ।          जो आदेश पालन करे,             उसकी किस्मत जागी ।।     गुरू बिना संसार ये,    होता नरक सामान ।        गुरू नाम के पुष्प से,            है गुलशन में जान ।। सारी विपदा शिष्य की,       अपने सर गुरू लेय ।          जीवन के हर कॉलम में,               ज्ञान सुधा भर देय ।। गुरू चांदनी रात है,    गुरू सुहानी भोर ।           जीवन एक पतंग है,              गुरू है उसकी डोर ।।          गुरू चरण जिसको मिले,     हो जाए भव से पार ।         गुरू चरणों की रज पाके,             हो जाए उद्धार ।। गुरू जगाता चेतना,   गुरू दिखता राह ।     उसका जीवन सफल है,           गुरू की जिसपे निगाह ।। गुरू ज्ञान की नाव में,     मिले जिसे स्थान ।          उसको तीनों लोकों में,               मिलता है सम्मान ।। गुरू दिशा गुरू रोशनी,      गुरू गुणों की खान ।          सावन सतगुरू मिल जावें,             मिल जावें भगवा…