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Band karke old currency "Dimonitization"

           
Band karke old currency
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बंद करके ओल्ड करेंसी

बंद करके ओल्ड करेंसी
कितनों की बजा दी बन्शी
कितनों की बजा दी बन्शी रे, बुरे हाल कर दिए ।
अरे म्हारे pm मिस्टर मोदी ने, कमाल कर दिए ।।


08 नवम्बर 08:00 बजे कितनों के बज गए 12
कुछ लोगों को मोदी लगते गदर फ़िल्म के तारा-2
तुगलक से मेल मिलाते, सब मिलके शौर मचाते
ये छुप छुप आशुं बहाते, रे कंगाल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर…

काले धन पे कसा शिकंजा संसद् में हंगामा
बबुआ,बुआ,दीदी,रोये, रोए पप्पू मामा-2
कुछ समझ ना इनके आये, करते बस हाय हाय
जो साठ साल ते पल रे थे, निढाल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर मोदी...

घोटालेबाजों को कर दिया, एक रात में नंगा
काले धन का एक ठिकाना, बची पवित्र गंगा-2
दिन धोले दिखे तारे, फिरते इब मारे मारे
जो बने चौधरी बैठे थे, फटे-हाल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर मोदी...

अफसर जी के तोते उड़ गए, घूँस छिपाये कैसे
गिरवी रख ईमान को उसने, जोड़े थे ये पैसे-2
मोदी ने कर दिये चाले, खुलगे जंग लागे ताले
इस धोली दाढ़ी वाले ने, सब लाल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर मोदी....

फेक करेंसी रद्दी हो गई, टूटी कमर भरम की
बेईमानों की हालत पतली, तीरगी नाव धर्म की-2
इब सिसकी देदे रोवें, बचणे का रस्ता टोहवें
सब जनधन खाते वाले, माला माल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर मोदी...

बड़े बड़ों का मोदी जी ने, बजा दिया है बाजा
गंगू सुख की नींद है सोता, गोली ले के राजा-2
शौचालय खूब बाणाये,फेर बढ़िया दस्त लगाए
झटके ते बाहर आये, जो पाताल धर दिए ।।
अरे म्हारे PM मिस्टर...

डाट्या करते बात बात पे, मीठे स बतलावें
सुथरी ढाला जानू सूं इब लाला जी के चाहवें-2
हुई जमा हेकड़ी ढीली, और धोती होरी गीली
जो जी ते प्यारे लागे थे, जंजाल कर दिए ।।
अरे म्हारे PM….

कदर बुजर्गों की बढ़गी बहु बेटे हंस बतलाते ।
बात करण की फुरसत ना थी इब ये पैर दबाते ।
इब हलवा बना खवावैं, खाते में धन डलवावैं
जो सख्त खड़े थे सावन, वो सब ढाल कर दिए ।।

सावन चौहान कारौली-एक नादान कलमकार
अ0 भा0 सा0 परिषद भिवाड़ी
भिवाड़ी साहित्य परिषद भिवाड़ी
अलवर राजस्थान
मो.9636931534

https://www.writersindia.in/2019/07/blog-post_2.html?m=1

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कविता - किसका गुमान करे

कविता- किसका गुमान करे
किसका ‘गुमान’ करे , काहे ‘अभिमान’ करे । ‘पैसा और सत्ता’ बंधू , आनी जानी चीज है ।
पैसा ना जो कर पाये , काम वो ये कर लाए । ‘मुश्कान छोटी’ बड़े , काम की चीज़ है ।
‘सत्य’ का ‘व्यवहार’ कर, बातें तु विचार कर । ‘अच्छाई बुराई’ साथ , जाने वाली चीज है ।
‘आचरण’ को साफ रख, मन में ना ‘पाप’ रख । ‘माफ करना’ बड़ा , बनाने वाली चीज़ है ।
‘संस्कार’ छोड़ मत, रस्मों को तोड़ मत । ‘रीति और रिवाज’ भी, ‘निभाने’ वाली चीज हैं ।
‘गाँठ’ मन की खोल ले, बोल ‘मीठे’ बोल ले । ‘झगड़ा  लड़ाई’ तो, ‘मिटाने’ वाली चीज़ हैं ।
‘नेक काम’ कर ले , उसको सुमरले । ‘वक़्त’ लोट कर नहीं , आने वाली चीज़ है ।
थोडा सा ‘नरम’ बन, छोड़ दे ‘क्रोध अगन’ । ‘सब्र’ भी तो सावन, ‘आजमाने’ वाली चीज़ है ।
कवि- “सावन चौहान कारौली” भिवाड़ी अलवर राजस्थान मो.9636931534



Ichchha shakti

इच्छा शक्ति


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फकत मलाई खाते थे
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हर बारी ही गिराते थे
100 रुपये अनुदान मे से भी
90 खुद खा जाते थे
आज कोई आया दमदार तो
पड़ गए खाब खटाई में
सीधे सीधे रेड पड़ी थी
काली जमा कमाई में
सावन चौहान करोली

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https://www.writersindia.in/2019/07/chashka-bura-sharab-ka.html