Thursday, June 13, 2019

जाने कैसा सौदा है

जाने कैसा सौदा है



जाने कैसा 
सौदा है, "लूट -पिट " के आराम~~ मिले
"उसकी "सूरत दिख जाये जो चाहे इल्जाम मिले

बस एक दीद का प्यासा हूँ
सुबहा मिले या श्याम मिले
जाने कैसा सौदा…

उस बिन चैन नहीं मिलता-2
वो मिल जाए राम मिले

शब भर करवट में गुजरे-2
शब गुजरे ना आँख ढले

लाज शर्म सब मिट जाए-2
फिर कोई भी नाम मिले

कुछ भी नहीं सुहाता है-2
दिन निकले या श्याम ढले



"सावन चौहान कारोली"





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