Friday, June 21, 2019

गुरु महिमा

शिक्षक दिवस के पावन पर्व पर मेरी लेखनी गुरू चरण में...
  गुरु वंदना

गुरू ब्रह्मा गुरू श्री हरी,
    गुरू है भोले नाथ ।
      शीश सदा गुरू चरण नवे,
         छ रुत बारह मास ।।
गुरू की जो सेवा करे,
    वो नर है बड़भागी ।
         जो आदेश पालन करे,
            उसकी किस्मत जागी ।।    
गुरू बिना संसार ये,
   होता नरक सामान ।
       गुरू नाम के पुष्प से,
           है गुलशन में जान ।।
सारी विपदा शिष्य की,
      अपने सर गुरू लेय ।
         जीवन के हर कॉलम में,
              ज्ञान सुधा भर देय ।।
गुरू चांदनी रात है,
   गुरू सुहानी भोर ।
          जीवन एक पतंग है,
             गुरू है उसकी डोर ।।         
गुरू चरण जिसको मिले,
    हो जाए भव से पार ।
        गुरू चरणों की रज पाके,
            हो जाए उद्धार ।।
गुरू जगाता चेतना,
  गुरू दिखता राह ।
    उसका जीवन सफल है,
          गुरू की जिसपे निगाह ।।
गुरू ज्ञान की नाव में,
    मिले जिसे स्थान ।
         उसको तीनों लोकों में,
              मिलता है सम्मान ।।
गुरू दिशा गुरू रोशनी,
     गुरू गुणों की खान ।
         सावन सतगुरू मिल जावें,
            मिल जावें भगवान् ।।

     "सावन चौहान कारौली"
गुरू चरणन की धूल...
भिवाड़ी अलवर (राजस्थान)
9636931534

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