Monday, June 24, 2019

फिर से आजा कृष्ण मुरारी



 फिर से आजा कृष्ण मुरारी


फिर से आजा कृष्ण मुरारी ।
प्रबल हुए फिर अत्याचारी ।

धर्म आज लाचार खड़ा है,
मौन है भीष्म द्रोणाचारी ।

द्रोपत लाज बचाने आजा ,
अपना फर्ज निभाने आजा ।

चीरहरण को खड़े दुशासन,
फिर तू चीर बढाने आजा ।

देख दुर्गति गोमाता की,
गोधन के रखवाले आजा ।


सावन चौहान कारौली
भिवाड़ी अलवर राजस्थान
मो.9636931534

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